रूस और NATO के बीच तनाव अब परमाणु हथियारों की धमकी तक पहुंच गया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कलिनिनग्राद सहित रूस के किसी भी क्षेत्र पर सीधा हमला हुआ तो जवाब देने में पीछे नहीं रहने की बात कही। उनके अनुसार रूस के पास कुछ ऐसे हथियार हैं, जो दुनिया के किसी दूसरे देश के पास नहीं हैं, और इसका मतलब है कि यदि हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पुतिन ने यह टिप्पणी मॉस्को में एक मंच के दौरान दी और कहा कि यह डराने-धमकाने के बारे में नहीं है, बल्कि वास्तविक जवाब की कोशिश है। NATO ने कहा कि उनका उद्देश्य रूस पर हमला करना नहीं है और वे एक रक्षात्मक गठबंधन हैं; उन्होंने Russsia को लिखित संदेश भेजे जाने की पुष्टि की और परमाणु धमकी देना गैर-जिम्मेदाराना बताया। साथ ही रूस के विरुद्ध यूक्रेन की मदद की नीतियों को जारी रखने का reaffirmation दिया गया। बाल्टिक सागर क्षेत्र में हालिया सैन्य अभ्यासों से क्षेत्रीय हलचल बढ़ी है। वहाँ अमेरिका के विमान समेत कई तैनाती और संचार-रडार संबंधी उपकरणों का परीक्षण भी शामिल रहा। NATO के महासचिव मार्क रुटे ने कहा कि रूस NATO देशों को बांटने और यूक्रेन की मदद से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है, पर गठबंधन शांत रहकर Kiev के साथ खड़ा रहेगा। कलिनिनग्राद, जो पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है, वहां रूस का बाल्टिक नौसेना बेस और परमाणु क्षमता वाले हथियार तैनात हैं, ऐसे दावों पर यूरोपीय दूतावासों ने भी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि यूरोपीय नेताओं और खुफिया एजेंसियों ने डराने-धमकाने के संकेतों के बीच अस्थिरता बढ़ाने की संभावना पर भी नजर रखी है, और मॉस्को ने इन आरोपों को खारिज किया है।
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पुतिन के बयान के बाद NATO के साथ टकराव की आहट, रूस-परमाणु जवाब की चेतावनी जारी
यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने काला-समुद्री क्षेत्र कलिनिनग्राद पर सीधे हमला होने पर जवाब में सभी हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दी है, जबकि NATO ने अपने दायरे में यूक्रेन के समर्थन और सुरक्षा को प्राथमिकता बताई है। तनाव बढ़ रहा है और बाल्टिक क्षेत्र में सैन्य अभ्यास भी तेज हो गया है। reader impact: पाठक जानेंगे कि रूस-नाटो तनाव किस दिशा में जा रहा है और कैसे सुरक्षा धारणा प्रभाव डाल रही है।

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सोर्स: मूल मीडिया









