फर्जी सोशल मीडिया संदेश से शुरू हुआ उपद्रव कैंपस के अंदर और बाहर व्यापक हो गया। संदेश में दावा किया गया था कि यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल में छात्रा के साथ रेप हुआ है और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। इसे देखते हुए सैकड़ों छात्र उग्र हो गए, कैंपस में तोड़फोड़ शुरू की, गाड़ियों को आग के हवाले किया गया और दिल्ली-जालंधर हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। इस घटना के बाद फगवाड़ा के सतनामपुरा थाने में FIR नंबर 163-BNS और पंजाब प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट के तहत मामले दर्ज हुए, जबकि सदर थाना में FIR नंबर 106 दर्ज किया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज, टेक्निकल सर्विलांस और सोशल मीडिया पोस्ट्स की मदद से 9 लोगों को गिरफ्तार किया; इनमें सात एलपीयू के छात्र हैं और दो बाहर के। पकड़े गए आरोपियों में चार फगवाड़ा से, एक नाबालिग बाहर से, दो जम्मू-कश्मीर से और दो मुंबई से बताए गए। लगभग बीस उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया गया है।
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LPU कैंपस घटना: अफवाह से आगजनी तक, 9 गिरफ्तारी और SIT जाँच
फगवाड़ा के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 26 सितंबर को फैली अफवाह के बाद उपद्रव हुआ। 27 सितंबर तक चले घटनाक्रम में पथराव, आगजनी और हाईवे जाम के बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सात छात्र और दो बाहरी शामिल हैं। SIT अब तक की जांच में गहराई से रिकॉर्ड खंगाल रही है, जबकि एक इन्फ्लुएंसर पर भी कार्रवाई की तैयारी बताई जा रही है।

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सोर्स: मूल मीडिया











