पोप लियो ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से दुनिया के तबाह होने की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसी चिंताओं को 'फेक न्यूज' बताने से इनकार किया। यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख से अलग है। ट्रंप ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में AI से मानवता को होने वाले खतरे की चिंताओं को 'होआक्स' बताया था।
पोप ने सोमवार को फ्रांस की 4 दिन की यात्रा से रोम लौटते समय विमान में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि AI विशेषज्ञों और इस क्षेत्र के जानकारों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका यह बयान ट्रंप की आलोचना के तौर पर देखा जा रहा है।
AI पर सुरक्षा सीमाओं की बहस
पोप लियो ने उन टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों की भी आलोचना की, जो AI पर किसी तरह की सुरक्षा सीमा नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि तकनीक को ऐसी स्थिति तक पहुंचने से रोकने के तरीके खोजने होंगे, जहां यह मानवता को नष्ट कर सके।
पोप ने बताया कि उन्होंने सोमवार को पढ़ा था कि चिप बनाने वाली कंपनी एनविडिया के प्रमुख ने कुछ AI मॉडलों में सुरक्षा सीमाएं जोड़ने की संभावना बताई है। हालांकि, उन्होंने इस रुख पर संदेह जताया। पोप ने कहा कि वही व्यक्ति AI पर किसी सीमा और सरकारी नियमन का विरोध भी करता है।
एनविडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेनसन हुआंग ने इस महीने सीबीएस न्यूज से कहा था कि वह ट्रंप की इस राय से सहमत हैं कि AI की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई हैं।
ट्रंप की टेक बैठक में क्या होगा
ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस में AI पर काम करने वाली टेक कंपनियों के प्रमुखों से मिलने वाले हैं। इस बैठक में जेनसन हुआंग, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई और ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन शामिल हो सकते हैं।
गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई और स्पेसएक्सएआई के कार्यकारी एलन मस्क भी संभावित प्रतिभागियों में बताए गए हैं। बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन भी शामिल होंगे।
जॉनसन ने कहा है कि बातचीत का फोकस नवाचार और निगरानी के बीच संतुलन बनाने पर रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका AI पर जरूरत से ज्यादा कड़े नियम लगाता है, तो वह चीन से इस दौड़ में पीछे रह सकता है।
पोप का संवाद पर जोर
पोप लियो ने दुनिया से AI को लेकर संवाद, अध्ययन और जांच जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम करते रहना जरूरी है और ऐसा मानकर नहीं बैठा जा सकता कि कुछ नहीं होगा।
निष्कर्ष
पोप लियो का संदेश AI के संभावित खतरों पर सावधानी, विशेषज्ञों की बात सुनने और सुरक्षा सीमाओं पर लगातार काम करने के पक्ष में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पोप लियो ने AI के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि AI से मानवता को होने वाले संभावित नुकसान पर विशेषज्ञों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
Q. ट्रंप ने AI की चिंताओं को क्या बताया था?
ट्रंप ने AI के खतरों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को 'होआक्स' बताया था।
Q. पोप ने सुरक्षा सीमाओं की जरूरत क्यों बताई?
उन्होंने कहा कि AI को ऐसी स्थिति तक पहुंचने से रोकने के तरीके खोजने होंगे, जहां यह मानवता को नष्ट कर सके।
Q. ट्रंप की AI बैठक कब होनी है?
ट्रंप की टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक मंगलवार को व्हाइट हाउस में होनी है।
Q. बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
माइक जॉनसन के अनुसार, बातचीत में AI नवाचार और सरकारी निगरानी के बीच संतुलन पर चर्चा होगी।
Q. बैठक में कौन शामिल हो सकते हैं?
जेनसन हुआंग, मार्क जुकरबर्ग, डारियो अमोडेई और ग्रेग ब्रॉकमैन संभावित प्रतिभागियों में शामिल हैं। सुंदर पिचाई और एलन मस्क के भी शामिल होने की संभावना बताई गई है।













