पटना में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद बल प्रयोग और पथराव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि TRE-4 में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया हटाकर एक ही परीक्षा कराई जाए। छात्र नेगेटिव मार्किंग खत्म करने और 100% डोमिसाइल लागू करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में सिंगल एग्जाम हुआ था और नेगेटिव मार्किंग नहीं थी।
डाकबंगला तक पहुंची भीड़
छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर पुलिस के साथ CRPF जवानों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। वहां CRPF जवानों के साथ धक्का-मुक्की हुई। छात्र डाकबंगला से कोतवाली टी पॉइंट होते हुए इनकम टैक्स की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीछे हटा दिया।
भीड़ हटाने के लिए वाटर कैनन चलाया गया। पानी की बौछार के बीच कुछ छात्र शैंपू लगाकर नहाते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगी, जबकि एक छात्रा के बेहोश होने की बात सामने आई। कुछ छात्र सड़क किनारे खाना खाते भी दिखाई दिए।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर पत्थर फेंके। इसमें पटना टाउन के DSP कामाख्या नारायण सिंह घायल हुए। कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और डाकबंगला चौराहे पर मौजूद छात्रों को खदेड़ना शुरू कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों को घसीटकर ले जाया गया और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस और CRPF की बड़ी संख्या में टीमें मौके पर मौजूद रहीं। इलाके में एक बख्तरबंद वाहन भी लाया गया। इसे MPV यानी माइन प्रोटेक्टर व्हीकल बताया गया है। इस तरह के वाहन का इस्तेमाल आमतौर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में किया जाता है।
छात्रों की मांग और धरने की अवधि पर अलग-अलग जानकारी
छात्रों का कहना है कि वे सरकार से अपनी मांगों पर फैसला चाहते हैं। एक छात्र ने बताया कि प्रदर्शनकारी कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। उसने कहा कि धरनास्थल पर न नहाने की सुविधा है और न खाने की पर्याप्त व्यवस्था। छात्र ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात का भी उल्लेख किया।
उपलब्ध जानकारी में धरना शुरू होने की तारीख को लेकर दो अलग-अलग दावे हैं। एक जगह छात्रों के 18 अगस्त से गर्दनीबाग में बैठे होने की बात कही गई है, जबकि एक छात्र ने 13 अगस्त से धरने पर होने की बात बताई।
इसी बीच 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च कर रहे छात्रों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारी बस पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे। बाद में पुलिस ने भीड़ को हटाया।
BPSC अधिकारी के बयान पर विवाद
छात्रों के आंदोलन को लेकर सोमवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजेश कुमार सिंह ने एक कहावत का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।” इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में नाराजगी बढ़ी।
विवाद बढ़ने पर BPSC के एग्जाम कंट्रोलर ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इससे पहले छात्रों से जुड़े एक बयान में “कॉकरोच” शब्द के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया था।
नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के आंदोलन से निपटने के लिए लगातार बल प्रयोग कर रही है और छात्रों के प्रति उसका रवैया तानाशाही वाला है।
लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने X पर लिखा कि TRE-4 परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे छात्रों से संवाद के बजाय पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति बताया।
CJP नेता सौरभ दास ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि पूरा सिस्टम चरमराता हुआ दिख रहा है। उन्होंने उदासीनता, अक्षमता और भ्रष्टाचार को राजनीतिक मुद्दों के पीछे छिपाने का आरोप लगाया।
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि छात्रों को समझाकर डाकबंगला चौराहे से हटा दिया गया है। उनके मुताबिक, छात्रों की बातें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देर में इलाके का ट्रैफिक सामान्य हो जाएगा।
फिलहाल डाकबंगला चौराहे पर स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। वहां पुलिस और CRPF की टीमें मौजूद हैं।










