लक्षद्वीप को 100 प्रतिशत साक्षर केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने रविवार को कवरत्ती स्थित सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। यह उपलब्धि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हासिल की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासक ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। साक्षरता की घोषणा के पीछे शिक्षा विभाग की ओर से चलाया गया सर्वे, शिक्षण और मूल्यांकन अभियान शामिल रहा।
1,113 वयस्क निरक्षरों की पहचान
शिक्षा विभाग के शुरुआती सर्वे में द्वीपों के अलग-अलग हिस्सों में 1,113 वयस्क निरक्षरों की पहचान की गई थी। इसके बाद इन शिक्षार्थियों को बुनियादी पढ़ने-लिखने और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़ी क्षमताएं सिखाने के लिए गहन अभियान चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य पहचाने गए सभी शिक्षार्थियों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल हासिल कराने के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कराना था। इसके लिए शिक्षकों और पर्यवेक्षकों ने स्वेच्छा से काम किया।
घर-घर जाकर हुआ आकलन
जो शिक्षार्थी तय परीक्षा केंद्रों तक आने में असमर्थ थे या वहां जाने में झिझक रहे थे, उनके लिए शिक्षकों और पर्यवेक्षकों ने घर-घर जाकर आकलन किया। इस प्रक्रिया में घर आधारित मूल्यांकन भी शामिल रहा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए बाद में दोबारा आकलन और पुनः परीक्षा भी आयोजित की गई। इससे उन पात्र शिक्षार्थियों को मूल्यांकन पूरा करने का अवसर मिला, जो पहले किसी वजह से परीक्षा प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे।
सभी पात्र शिक्षार्थियों ने परीक्षा पास की
विभाग ने बताया कि सभी पात्र शिक्षार्थियों ने बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान आकलन परीक्षा सफलतापूर्वक पास की। इसी आधार पर लक्षद्वीप को उल्लास कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षरता का दर्जा मिला।
# Q. लक्षद्वीप को किस दर्जे की घोषणा की गई?
लक्षद्वीप को 100 प्रतिशत साक्षर केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया।
# Q. यह घोषणा किसने की?
प्रशासक प्रफुल पटेल ने रविवार को यह घोषणा की।
# Q. घोषणा कहां की गई?
घोषणा कवरत्ती स्थित सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में की गई।
# Q. सर्वे में कितने वयस्क निरक्षर मिले थे?
शुरुआती सर्वे में 1,113 वयस्क निरक्षरों की पहचान हुई थी।
# Q. शिक्षार्थियों के लिए किस तरह का आकलन किया गया?
तय परीक्षा केंद्रों तक न पहुंच पाने या वहां जाने में झिझकने वाले शिक्षार्थियों का घर-घर और घर आधारित आकलन किया गया।
# Q. पूर्ण साक्षरता का दर्जा किस कार्यक्रम के तहत मिला?
यह दर्जा उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मिला।
निष्कर्ष
लक्षद्वीप ने उल्लास कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षरता का दर्जा हासिल किया। शिक्षा विभाग के अनुसार, सर्वे में पहचाने गए सभी पात्र शिक्षार्थियों ने जरूरी आकलन परीक्षा पास की, जिसमें घर आधारित मूल्यांकन और दोबारा परीक्षा की व्यवस्था भी की गई थी।







