भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स 1,147.15 अंक या 1.58 प्रतिशत टूटकर 71,333.14 पर आ गया। निफ्टी 390.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 22,230.05 पर पहुंच गया। बाद के कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों में कुछ सुधार हुआ।
कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 570.59 अंक नीचे 71,909.70 पर रहा। निफ्टी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ 22,421 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दिखी। बाजार की अस्थिरता का सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 13.82 प्रतिशत बढ़कर 15.36 पर पहुंच गया।
बाजार पूंजीकरण पर असर
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) एक समय पिछले सत्र के 471.86 लाख करोड़ रुपये से घटकर 461.77 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान करीब 10.08 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। कारोबार के अंत तक कुछ रिकवरी हुई और कुल नुकसान करीब 6 लाख करोड़ रुपये रहा। बीएसई का बाजार पूंजीकरण 466 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
गिरावट के पीछे प्रमुख वजहें
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। 30 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 10,148 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। सितंबर के अंतिम 2 सत्रों में उनकी बिकवाली 20,000 करोड़ रुपये से अधिक रही। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बुधवार के सत्र में 11,271 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.3 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे अमेरिकी बाजार निवेश के लिए ज्यादा आकर्षक दिखा और भारतीय बाजार से धन निकासी का दबाव बना रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी चिंता बढ़ाई। दिसंबर डिलीवरी वाले ब्रेंट वायदा की कीमत सुबह सुबह 11:03 बजे 96.55 डॉलर प्रति बैरल थी। यह दोपहर एक:07 बजे तक बढ़कर 100.20 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
रुपये पर भी दबाव
विदेशी फंडों की निकासी और महंगे कच्चे तेल के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। आखिरी जांच में रुपया 96.19 के निचले स्तर पर पहुंचा। मुद्रा में यह कमजोरी बाजार में हुई बिकवाली के प्रमुख दबावों में शामिल रही।
निष्कर्ष
बाजार में इंट्राडे गिरावट के बाद रिकवरी आई, लेकिन विदेशी बिकवाली, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का दबाव कारोबार के अंत तक बना रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सेंसेक्स कितने अंक गिरा?
इंट्राडे में सेंसेक्स 1,147.15 अंक तक टूटा। कारोबार बंद होने पर यह 570.59 अंक नीचे रहा।
Q. निफ्टी किस स्तर पर बंद हुआ?
निफ्टी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ 22,421 पर बंद हुआ।
Q. बाजार पूंजीकरण में कितनी कमी आई?
इंट्राडे में बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण करीब 10.08 लाख करोड़ रुपये घटा। अंत तक कुल नुकसान करीब 6 लाख करोड़ रुपये रहा।
Q. विदेशी निवेशकों ने कितनी बिकवाली की?
विदेशी निवेशकों ने 30 सितंबर को 10,148 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे।
Q. रुपये का निचला स्तर क्या रहा?
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.19 के निचले स्तर पर पहुंचा।
Q. कच्चे तेल की कीमत कितनी पहुंची?
ब्रेंट वायदा की कीमत 100.20 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर तक पहुंची।







