भारतीय ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (Global Capability Centres) अपने कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित करने और नई स्किल सिखाने पर जोर दे रहे हैं। इन केंद्रों का लक्ष्य ऐसी टीमें बनाना है, जो कारोबार पर तुरंत असर डाल सकें।

यह रुख केवल IT सर्विस और टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट कंपनियों से नई भर्ती करने के बजाय मौजूदा वर्कफोर्स को तैयार करने की दिशा दिखाता है। GCCs अपने कर्मचारियों को AI में दक्ष बनाने के लिए अपस्किलिंग और रीस्किलिंग का सहारा ले रहे हैं।

GCCs के लिए बदलाव का मतलब

AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ GCCs को अपने वर्कफोर्स में बदलाव करना होगा। निचले स्तर की कई नौकरियों के ऑटोमेशन की संभावना इस बदलाव को और महत्वपूर्ण बनाती है।

ऐसे में कर्मचारियों की मौजूदा क्षमताओं को नई तकनीकी जरूरतों के साथ जोड़ना GCCs की प्राथमिकता बन रहा है। प्रशिक्षण का फोकस ऐसी टीम तैयार करने पर है, जो सीधे कारोबार की जरूरतों पर काम कर सके।

बाहरी भर्ती पर कम निर्भरता

GCCs अब AI से जुड़ी क्षमता बनाने के लिए केवल बाहर से प्रतिभा लेने पर निर्भर नहीं रहना चाहते। मौजूदा कर्मचारियों को तैयार करने की रणनीति के जरिए वे अपने संगठनों के भीतर ही जरूरी विशेषज्ञता विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बदलाव में अपस्किलिंग का मतलब मौजूदा भूमिका के लिए नई क्षमता जोड़ना है, जबकि रीस्किलिंग कर्मचारियों को अलग तरह के काम के लिए तैयार करने से जुड़ी है।

निष्कर्ष

भारतीय GCCs AI के दौर में अपनी टीमों को तैयार करने के लिए मौजूदा कर्मचारियों की स्किल बढ़ाने पर भरोसा कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. भारतीय GCCs किस दिशा में बढ़ रहे हैं?

वे अपने कर्मचारियों को AI में प्रशिक्षित करने और नई स्किल सिखाने पर जोर दे रहे हैं।

Q. GCCs बाहरी भर्ती के बजाय क्या कर रहे हैं?

वे मौजूदा कर्मचारियों को AI से जुड़ी क्षमताओं में दक्ष बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

Q. इस रणनीति का कारोबारी लक्ष्य क्या है?

GCCs ऐसी टीमें बनाना चाहते हैं, जो कारोबार पर तुरंत असर डाल सकें।

Q. AI का वर्कफोर्स पर क्या असर पड़ सकता है?

AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच निचले स्तर की कई नौकरियों के ऑटोमेशन की संभावना बताई गई है।

Q. अपस्किलिंग और रीस्किलिंग में क्या अंतर है?

अपस्किलिंग मौजूदा भूमिका में नई क्षमता जोड़ना है, जबकि रीस्किलिंग अलग तरह के काम के लिए तैयारी से जुड़ी है।