केंद्र सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नियमन पर ड्राफ्ट कंसल्टेशन पेपर अगले 30 दिनों में जारी करेगी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह दस्तावेज देश में AI से जुड़े नियम तैयार करने का आधार बनेगा।

वैष्णव के मुताबिक, प्रस्तावित ढांचा AI की सुरक्षा और सिक्योरिटी पर केंद्रित होगा। इसमें मानव-केंद्रित नजरिया, स्किलिंग और रिस्किलिंग को बढ़ावा देने तथा सभी वर्गों को शामिल करने पर जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य AI से होने वाले नुकसान को सीमित करना भी है।

मंत्री ने कहा कि AI को केवल कानून बनाकर नियंत्रित नहीं किया जा सकता। इसके लिए टेक्नो-लीगल तरीका अपनाना होगा, जिसमें तकनीकी समाधान और कानूनी व्यवस्था साथ काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि नियमन का बड़ा हिस्सा उद्योग को निभाना होगा।

यह बयान World Bank की World Development Report 2026 के लॉन्च कार्यक्रम में दिया गया। रिपोर्ट का विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं से जुड़ा है।

AI नीति के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह

इस साल की शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Artificial Intelligence Governance and Economic Group बनाया था। यह अंतर-मंत्रालयी समूह अलग-अलग मंत्रालयों, उनके विभागों और क्षेत्रीय नियामकों के बीच AI नीति के समन्वय का काम करता है।

भारत में अभी AI पर कोई एकीकृत कानून नहीं है। AI आधारित टूल और सेवाओं का ज्यादातर नियमन Information Technology Act of 2000 और Information Technology Rules of 2022 के तहत होता है। प्रस्तावित कंसल्टेशन पेपर इसी व्यवस्था के आगे की दिशा को स्पष्ट कर सकता है, लेकिन इसके अंतिम नियमों का विवरण अभी सामने नहीं आया है।

सरकारी AI प्रोजेक्ट के लिए कंपनियों का पैनल

सरकारी विभागों में AI के सुरक्षित और तय मानकों के भीतर इस्तेमाल के लिए सरकार कुछ स्टार्टअप और कंपनियों का पैनल बनाएगी। केंद्र और राज्य स्तर के सरकारी विभागों की AI परियोजनाओं के लिए बोली लगाने की अनुमति इन्हीं कंपनियों को होगी।

सरकार GPU के पर्याप्त इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 5 साल तक उपयोग की गारंटी देने की योजना पर भी काम कर रही है। इससे बोली लगाने वाली कंपनियों को अपने साथ जोड़े गए GPU की व्यावसायिक उपयोगिता का भरोसा मिलेगा।

सरकार ने 10,000 और GPU जोड़ने के लिए request for proposals जारी किया है। इनमें से 3,000 GPU सरकार अपने इस्तेमाल के लिए सीधे जोड़ेगी, जबकि 7,000 GPU अलग-अलग कंपनियों की बोली के लिए उपलब्ध होंगे।

IndiaAI Mission के तहत GPU क्षमता

वैष्णव ने कहा कि सरकार AI में inference के लिए घरेलू GPU समाधान विकसित करने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। उनके अनुसार, इस दिशा में रोडमैप अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

इस साल की शुरुआत में सरकार ने 15,000 तक B100, B200 Nvidia और अन्य नई तकनीक वाले GPU जोड़ने के लिए टेंडर जारी किया था। IndiaAI Mission के तहत अब तक तीन बोली दौरों में 38,000 से ज्यादा GPU जोड़े जा चुके हैं।

बाद में कंपनियों को लगातार GPU जोड़ने की अनुमति दी गई, बशर्ते वे उन्हें लगभग ₹115 प्रति GPU घंटे की औसत L1 कीमत पर खरीदकर उपलब्ध कराएं। जनवरी में करीब 15,000 GPU जोड़े गए और 10,000 अन्य GPU के लिए बोली प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकारी अनुमान के अनुसार, इससे देश में GPU की कुल संख्या 50,000 से ज्यादा हो सकती है।

इन GPU की खरीद और आपूर्ति ₹10,372 करोड़ के IndiaAI Mission का हिस्सा है। इस मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2024 में मंजूरी दी थी।

पहले दौर में मंत्रालय ने GPU की खरीद और आपूर्ति के लिए 10 कंपनियों का पैनल बनाया था। इन कंपनियों को 18,693 GPU उपलब्ध कराने थे। इनमें 12,896 Nvidia H100 GPU, 1,480 Nvidia H200 GPU और MI325 तथा MI300X GPU शामिल थे।

पहले दौर में Jio Platforms, Tata Communications और Yotta Data Services उन प्रमुख कंपनियों में शामिल थीं, जिन्हें स्टार्टअप, अकादमिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और देश के अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए GPU उपलब्ध कराने की अनुमति मिली। CMS Computers India, Ctrls Datacentres, E2E Networks और Locuz Enterprise Solutions भी पहले दौर में चुनी गई कंपनियों में थीं।

मंत्रालय ने पहले GPU बोली दौर के बाद लगातार empanelment प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत GPU की खरीद और आपूर्ति के लिए बोली लगाने वाली नई कंपनियों को हर तिमाही पैनल में शामिल किया जाता है।

निष्कर्ष

सरकार का अगला बड़ा कदम AI नियमन पर ड्राफ्ट कंसल्टेशन पेपर जारी करना है। प्रस्तावित ढांचा सुरक्षा, मानव-केंद्रित इस्तेमाल, स्किलिंग और उद्योग की भूमिका पर आधारित होगा। इसके साथ सरकारी AI परियोजनाओं और GPU क्षमता के लिए कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की प्रक्रिया भी जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. AI नियमन पर ड्राफ्ट पेपर कब जारी होगा?

सरकार इसे अगले 30 दिनों में जारी करेगी।

Q. प्रस्तावित AI ढांचे में किन मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा?

इसमें सुरक्षा, सिक्योरिटी, मानव-केंद्रित नजरिया, स्किलिंग, रिस्किलिंग, समावेशिता और नुकसान सीमित करने पर ध्यान होगा।

Q. क्या भारत में AI पर एकीकृत कानून है?

नहीं, भारत में अभी AI पर कोई एकीकृत कानून नहीं है। AI सेवाओं का ज्यादातर नियमन Information Technology Act of 2000 और Information Technology Rules of 2022 के तहत होता है।

Q. सरकारी AI परियोजनाओं में कौन बोली लगा सकेगा?

सरकार जिन स्टार्टअप और कंपनियों का पैनल बनाएगी, उन्हीं को केंद्र और राज्य स्तर की सरकारी AI परियोजनाओं के लिए बोली लगाने की अनुमति होगी।

Q. सरकार कितने GPU जोड़ने के लिए बोली प्रक्रिया चला रही है?

सरकार 10,000 GPU जोड़ने के लिए request for proposals जारी कर चुकी है। इनमें 3,000 GPU सरकार के लिए और 7,000 GPU कंपनियों की बोली के लिए होंगे।

Q. IndiaAI Mission के तहत अब तक कितने GPU जोड़े गए हैं?

तीन बोली दौरों के बाद 38,000 से ज्यादा GPU जोड़े जा चुके हैं।

Q. देश में GPU की कुल संख्या कितनी हो सकती है?

सरकारी अनुमान के अनुसार, यह संख्या 50,000 से ज्यादा हो सकती है।

Q. GPU उपयोग के लिए सरकार क्या गारंटी देगी?

सरकार GPU के उपयोग की चरणबद्ध तरीके से 5 साल तक गारंटी देने की योजना पर काम कर रही है।