IIT रोपड़ के डॉ. अथर्व पौंडरिक ने AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच छात्रों में critical thinking को मजबूत करने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि IITians अपनी आलोचनात्मक सोच के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन AI के आने के बाद इस क्षमता पर और ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो गया है।

डॉ. पौंडरिक के मुताबिक, संस्थान की पहल का उद्देश्य छात्रों को कुछ बुनियादी सिद्धांतों और ground-up thinking की समझ देना है। इससे छात्र AI का इस्तेमाल एक टूल की तरह कर सकेंगे, न कि AI को अपना 'मास्टर' बनने देंगे।

छात्रों की सोच को प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि AI का सही इस्तेमाल करने के लिए केवल तकनीकी जानकारी पर्याप्त नहीं है। छात्रों में किसी समस्या को समझने, उसकी बुनियाद पर विचार करने और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता भी जरूरी है।

डॉ. पौंडरिक ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उनके अनुसार, संस्थान इस दिशा में कदम उठा रहा है, ताकि यहां से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र सक्षम और साहसी लीडर के रूप में आगे बढ़ सकें।

इस बयान में पहल का नाम, इसकी शुरुआत की तारीख या इसके तहत चलाए जा रहे किसी खास कार्यक्रम का विवरण नहीं दिया गया है। हालांकि, AI को निर्णय और सोच का विकल्प बनाने के बजाय सहायक साधन के रूप में इस्तेमाल करने पर स्पष्ट जोर दिया गया है।

निष्कर्ष

IIT रोपड़ के डॉ. अथर्व पौंडरिक ने कहा कि AI के दौर में छात्रों की critical thinking और बुनियादी समझ को मजबूत करना जरूरी है। संस्थान का जोर छात्रों को AI पर निर्भर बनाने के बजाय उसका जिम्मेदार और प्रभावी इस्तेमाल सिखाने पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह बयान किसने दिया?

डॉ. अथर्व पौंडरिक ने यह बयान दिया है। वे IIT रोपड़ से जुड़े हैं।

Q. बयान का मुख्य विषय क्या है?

बयान का मुख्य विषय AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच छात्रों की critical thinking को मजबूत करना है।

Q. डॉ. पौंडरिक के अनुसार छात्रों को AI का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए?

उनके अनुसार, छात्रों को AI का इस्तेमाल एक टूल के रूप में करना चाहिए, न कि उसे अपना मास्टर बनने देना चाहिए।

Q. पहल का उद्देश्य क्या बताया गया है?

पहल का उद्देश्य छात्रों को बुनियादी सिद्धांतों और ground-up thinking की समझ देना बताया गया है।

Q. IIT रोपड़ इस दिशा में क्या कर रहा है?

डॉ. पौंडरिक ने कहा कि संस्थान इन बिंदुओं पर कार्रवाई करने के लिए कदम उठा रहा है।