सोने की कीमत में करीब 4% की गिरावट के बाद त्योहारों और शादी के सीजन से पहले बाजार में खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ी है। भाव लगभग 1 महीने में ₹1.53 लाख से घटकर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। हालांकि, ग्राहक अब खरीदारी करते समय अपने बजट और गहने की कुल लागत पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
बाजार में बढ़ी रुचि के बावजूद लोग बड़ी मात्रा में सोना खरीदने से बच रहे हैं। वे सोने की कीमत के साथ डिजाइन, मेकिंग चार्ज, डिस्काउंट, एक्सचेंज वैल्यू और ब्रांड पर भरोसे को भी फैसले का हिस्सा बना रहे हैं। अलग-अलग दुकानों और ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने का रुझान भी बढ़ा है।
हल्के और कम कैरेट वाले गहनों की मांग
सोने के ऊंचे भाव के बीच ग्राहक हल्के वजन वाली ज्वैलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे डिजाइन पसंद किए जा रहे हैं, जिनमें कम सोने का इस्तेमाल हो, लेकिन उनका लुक आकर्षक बना रहे। कम कैरेट वाले गहने भी उन ग्राहकों के बीच विकल्प बन रहे हैं, जो बजट के भीतर खरीदारी करना चाहते हैं।
युवा ग्राहकों में स्टडेड ज्वैलरी की मांग बढ़ रही है। हीरे या दूसरे पत्थरों से जड़े गहने इस पसंद का हिस्सा हैं। इससे ग्राहक कम वजन में अलग डिजाइन चुन पा रहे हैं और खरीदारी को अपने बजट के अनुरूप रखने की कोशिश कर रहे हैं।
पुराने सोने के बदले नए गहने
खर्च घटाने के लिए पुराने सोने का एक्सचेंज भी ग्राहकों का पसंदीदा विकल्प बन रहा है। इसमें पुराने गहनों की कीमत को नए गहनों की खरीद में इस्तेमाल किया जाता है। इससे नई खरीदारी के दौरान जेब से अतिरिक्त रकम खर्च करने का दबाव कम हो सकता है।
एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई के अनुसार, कीमतों में कमी से भारत में खरीदारी की रुचि बढ़ी है। फिर भी ग्राहक भाव को लेकर सतर्क हैं और अपने खर्च को ध्यान में रखकर फैसला ले रहे हैं।
कुमारी फाइन ज्वैलरी की संस्थापक सुप्रिया कटारिया के अनुसार, ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी बंद नहीं कर रहे हैं। वे ऐसे गहने चुन रहे हैं, जो सुंदर होने के साथ बजट में भी फिट बैठें।
त्योहार और शादी का सीजन बने सहारा
शादी-ब्याह, त्योहारों और पारिवारिक समारोहों के कारण ज्वैलरी की मांग बनी हुई है। इन मौकों पर सोने की खरीदारी निवेश के अलावा परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ी होती है। इसलिए कई ग्राहक खरीदारी टालने के बजाय कम वजन या अलग डिजाइन वाले विकल्प देख रहे हैं।
स्काई गोल्ड एंड डायमेंड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान के मुताबिक, त्योहारों और शादी के सीजन में मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। थोक कारोबारियों के ऑर्डर और ज्वैलरी स्टोर्स के विस्तार से भी बाजार को सहारा मिल रहा है।
हालांकि, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के बयानों और करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को मांग टिके रहने की उम्मीद है, लेकिन ग्राहक खरीदारी का फैसला लेने में ज्यादा समय ले सकते हैं।
निष्कर्ष
सोने के भाव में गिरावट ने बाजार में खरीदारी की रुचि बढ़ाई है, पर ग्राहकों की रणनीति बदल गई है। अब जोर ज्यादा सोना खरीदने के बजाय कम बजट में बेहतर डिजाइन, हल्के गहनों, स्टडेड ज्वैलरी और पुराने सोने के एक्सचेंज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सोने की कीमत में कितनी गिरावट आई है?
करीब 1 महीने में सोने की कीमत लगभग 4% घटी है। भाव ₹1.53 लाख से घटकर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम रह गया है।
Q. गिरती कीमतों का बाजार पर क्या असर पड़ा है?
त्योहारों और शादी के सीजन से पहले खरीदारी की रुचि बढ़ी है। हालांकि, ग्राहक खर्च को लेकर सतर्क हैं।
Q. ग्राहक किस तरह की ज्वैलरी पसंद कर रहे हैं?
हल्के वजन वाले गहने, कम कैरेट वाले डिजाइन और स्टडेड ज्वैलरी की मांग बढ़ी है।
Q. पुराने सोने का एक्सचेंज क्यों किया जा रहा है?
पुराने गहनों की कीमत को नए गहनों की खरीद में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे जेब से अतिरिक्त रकम खर्च करने का दबाव कम होता है।
Q. खरीदारी के फैसले में ग्राहक किन बातों को देख रहे हैं?
ग्राहक सोने के भाव के साथ मेकिंग चार्ज, डिजाइन, डिस्काउंट, एक्सचेंज वैल्यू और ब्रांड पर भरोसा देख रहे हैं।
Q. आगे सोने की कीमतों पर किन बातों का असर पड़ सकता है?
अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व के बयान और करेंसी में उतार-चढ़ाव कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।







