फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट रहे ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी पर 30 सितंबर की फ्लाइट को हाईजैक कर इजरायल में गिराने की साजिश रचने का आरोप है। यूएई अधिकारियों से पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह विमान पर नियंत्रण लेकर इसे आत्मघाती मिशन में बदलना चाहता था।
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, हमामी का पहला निशाना तेल अवीव का बेन गुरियन एयरपोर्ट था। हालात बदलने पर उसने तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे को वैकल्पिक लक्ष्य के रूप में रखा था। उसके कथित मकसद को गाजा में इजराइली कार्रवाई का बदला लेने से जोड़ा गया है।
कॉकपिट पर कब्जे की कथित योजना
आरोप है कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में करीब ढाई घंटे बाद हमामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में रखे क्रैश एक्स से हमला किया। योजना के अनुसार उसे कप्तान को हटाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेना था। इसके बाद विमान को चुने गए लक्ष्य की ओर मोड़ने की बात सामने आई है।
हालांकि, कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे विमान में मौजूद लोगों को स्थिति का पता चला और हमामी को काबू कर लिया गया। उसी विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने बाद में नियंत्रण संभाला। फ्लाइट को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
जांच अधिकारियों के अनुसार, हमामी इस कथित मिशन में अकेला था। फ्लाइट के दूसरे क्रू सदस्यों से भी पूछताछ की गई और उन्हें साजिश में शामिल नहीं पाया गया। इजरायल में अब यह जांच जारी है कि उसे किसी व्यक्ति, देश या आतंकवादी संगठन से मदद मिली थी या नहीं।
विमानन करियर और तेल अवीव रूट
हमामी का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमान और मां सीरिया की नागरिक थीं। उसने शुरुआती पढ़ाई यूएई में की, जबकि विमानन शिक्षा के लिए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया गया। बाद में न्यूजीलैंड में पायलट प्रशिक्षण लिया।
उसने ओमान एयर में पायलट के रूप में काम शुरू किया था। स्रोत में दी गई जानकारी के अनुसार, उसके मोबाइल और लैपटॉप से अलकायदा के अल-जवाहरी और फिलिस्तीनी लोगों से जुड़ी तस्वीरें मिलने के बाद उसे विमान उड़ाने से रोक दिया गया। इसके बाद उसने प्रशासनिक काम किया और करीब 7 साल बाद नौकरी छोड़ दी।
2025 में वह मोरक्को गया और वहां मारको एयर से जुड़ा। इसके बाद मार्च 2025 में उसे फ्लाईदुबई में नौकरी मिली। जांच के मुताबिक, उसने दुबई से तेल अवीव जाने वाली नियमित उड़ानों के बारे में जानकारी जुटाई और इस रूट पर कई बार को-पायलट के रूप में गया।
स्रोत के अनुसार, उसने जुलाई में भी इसी तरह की योजना बनाई थी। उस समय विमान के केबिन क्रू में उसका एक दोस्त था, इसलिए उसने कथित तौर पर अपना इरादा बदल दिया। 30 सितंबर की उड़ान के लिए ड्यूटी तय होने के बाद उसने फिर योजना पर काम शुरू किया।
सुरक्षा जांच पर उठे सवाल
इस मामले ने विदेशी पायलटों और को-पायलटों की सुरक्षा जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्रोत में कहा गया है कि इजरायल जाने वाली उड़ानों के पायलट और को-पायलट की जानकारी 24 से 48 घंटे पहले साझा की जाती है। यह जानकारी ट्रांसपोर्ट विभाग से मोसाद और शिन बेट तक भेजे जाने का भी उल्लेख है।
फ्लाईदुबई का कहना है कि उसने 28 सितंबर को पायलट और को-पायलट की जानकारी इजरायल को दे दी थी। इसके बावजूद एक ओमानी नागरिक को इजरायल जाने वाली उड़ान में को-पायलट की भूमिका कैसे मिली, यह जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है।
स्रोत में ओमान और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं होने का भी उल्लेख है। इसी वजह से हमामी की नियुक्ति और उस उड़ान में उसकी ड्यूटी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यूएई अधिकारी अबू धाबी में उससे पूछताछ कर रहे हैं।
निष्कर्ष
फ्लाईदुबई मामले में हमाम अल-हमामी पर विमान को कब्जे में लेकर इजरायल या जॉर्डन में लक्ष्य पर गिराने की साजिश का आरोप है। विमान में मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद फ्लाइट को ताबुक में उतारा गया। जांच अब कथित योजना के पीछे किसी मददगार की भूमिका और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पर केंद्रित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हमाम अल-हमामी कौन है?
हमाम अल-हमामी ओमानी नागरिक और फ्लाईदुबई का को-पायलट था। उसने पहले ओमान एयर में पायलट के रूप में काम किया था।
Q. उस पर क्या आरोप है?
उस पर 30 सितंबर की फ्लाइट को हाईजैक कर इजरायल में गिराने की साजिश का आरोप है।
Q. कथित लक्ष्य कौन-कौन से थे?
बेन गुरियन एयरपोर्ट, तेल अवीव की कोई ऊंची इमारत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को संभावित लक्ष्य बताया गया है।
Q. विमान सुरक्षित कैसे उतरा?
कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। बाद में दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को ताबुक एयरपोर्ट पर उतारा।
Q. क्या अन्य क्रू सदस्य साजिश में शामिल थे?
जांच के बाद अन्य क्रू सदस्यों को साजिश में शामिल नहीं पाया गया।
Q. जांच अभी किस बात पर हो रही है?
जांच इस बात पर जारी है कि हमामी को किसी व्यक्ति, देश या आतंकवादी संगठन से मदद मिली थी या नहीं।










