यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत से रिहा कर दिया है। पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि जंतर-मंतर जाने की कोशिश करने पर दोबारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था और रविवार को छोड़ दिया गया।
यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन से जुड़ी है। राठी जर्मनी से भारत आए थे और इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
हिरासत और रिहाई का घटनाक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने पहले राठी को जंतर-मंतर नहीं जाने के लिए समझाया। उनके नहीं मानने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उन्हें 24 घंटे पूरे होने से पहले रिहा कर दिया। रवाना होने से पहले उन्हें जंतर-मंतर से दूर रहने की हिदायत दी गई।
राठी हरियाणा में जन्मे और पले-बढ़े हैं। हायर एजुकेशन के लिए वह जर्मनी गए थे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूट्यूब कंटेंट क्रिएशन शुरू किया। वह भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी सरकार के आलोचक के तौर पर जाने जाते हैं। सीजेपी के गठन के बाद से वह इसके समर्थन में दिखाई दे रहे हैं।
सीजेपी आंदोलन से जुड़ी अन्य गिरफ्तारियां
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह, राठी और कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से हिरासत में लिया गया था। सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को एहतियातन गिरफ्तार किया गया। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद उन्हें भी रिहा कर दिया गया।
राठी आठ अक्टूबर को बेंगलुरु में हुए सीजेपी के प्रदर्शन से पहले भारत लौटे थे। बेंगलुरु में उन्होंने दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया था। शुक्रवार शाम वह इंडिया गेट गए और वहां से वीडियो बनाया।
सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। आंदोलन की अगुआई के लिए अधिकृत किए गए आजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार को भी जंतर-मंतर जाएंगे। संगठन ने मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटने की भी बात कही है।
सीजेपी की मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और एसआईआर प्रक्रिया पर रोक शामिल है। संगठन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी कर रहा है।
निष्कर्ष
ध्रुव राठी को हिरासत से रिहा कर दिया गया है, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर जाने पर दोबारा कार्रवाई की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर रोक की मांग के साथ आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ध्रुव राठी को कब रिहा किया गया?
उन्हें रविवार को हिरासत से रिहा किया गया। पुलिस ने उन्हें 24 घंटे पूरे होने से पहले छोड़ दिया।
Q. ध्रुव राठी को क्यों हिरासत में लिया गया था?
उन्हें सीजेपी के आंदोलन में हिस्सा लेने और जंतर-मंतर जाने से जुड़े घटनाक्रम के दौरान हिरासत में लिया गया था।
Q. पुलिस ने ध्रुव राठी को क्या चेतावनी दी?
पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से दूर रहने को कहा। दोबारा वहां जाने की कोशिश पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
Q. सीजेपी की मुख्य मांगें क्या हैं?
सीजेपी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर रोक की मांग कर रही है। संगठन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव भी चाहता है।
Q. किन अन्य लोगों को रिहा किया गया?
अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद रिहा किया गया।







