चीन और अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर अपनी पहली बातचीत पूरी कर ली है। चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लाइफेंग और अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपने-अपने पक्ष का नेतृत्व किया। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब AI तकनीक दोनों देशों के बीच बढ़ते टेक तनाव का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उन्नत AI चिप्स तक चीन की पहुंच पर अमेरिका के सख्त नियंत्रण जारी हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने चीन के डेवलपर्स पर 'डिस्टिलेशन' तकनीक के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है।
डिस्टिलेशन में छोटा AI मॉडल किसी अधिक उन्नत मॉडल के आउटपुट से सीखकर उसकी क्षमताओं की नकल करने की कोशिश करता है। बीजिंग ने इन आरोपों को निराधार बताया है। चीन ने चेतावनी दी है कि अगर वॉशिंगटन इस दावे का इस्तेमाल उसके टेक सेक्टर को रोकने के लिए करता है, तो वह जवाबी कदम उठाएगा।
बातचीत का व्यापारिक संदर्भ
वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे याडोंग ने बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान AI बातचीत पूरी होने की जानकारी दी। यह ब्रीफिंग न्यूयॉर्क में रविवार को हुई अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता के 8वें दौर के बारे में थी।
मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने साझा चिंता वाले आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर खुलकर, गहराई से और रचनात्मक तरीके से चर्चा की। बातचीत के दौरान कई सहमतियां भी बनीं।
इससे पहले हे लाइफेंग और बेसेंट ने बुधवार सुबह वॉशिंगटन में विश्व बैंक के मुख्यालय पर अचानक बैठक की थी। इस बैठक में दोनों पक्ष पिछले अक्टूबर में दक्षिण कोरिया के बुसान में बनी व्यापारिक अस्थायी रोक बढ़ाने पर सहमत हुए। बेसेंट के अनुसार, चीन ने व्यापार पर एक बड़े समझौते का प्रस्ताव भी दिया।
AI सुरक्षा पर अमेरिकी उद्योग में मतभेद
अमेरिका में प्रमुख टेक कंपनियों के कुछ प्रमुख अधिकारियों ने फ्रंटियर AI के विकास की रफ्तार को नियंत्रित करने की अपील की है। OpenAI के सैम ऑल्टमैन, Anthropic के डारियो अमोडेई और xAI के संस्थापक एलन मस्क ने ऐसी 'पेसिंग' की सार्वजनिक मांग की।
इन अधिकारियों ने चिंता जताई कि AI की क्षमताएं उन सुरक्षा उपायों से तेज बढ़ रही हैं, जिन्हें उन्हें नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। हालांकि, Meta Platforms के मार्क जुकरबर्ग और Nvidia के जेनसन हुआंग ने ऐसी चिंताओं को खारिज किया। हुआंग ने पिछले सप्ताह एक कार्यक्रम में इन्हें 'पूरी तरह बकवास' बताया।
निष्कर्ष
पहली AI बातचीत तकनीकी तनाव के बीच चीन और अमेरिका के बीच संवाद का नया मंच बनाती है। इसके साथ व्यापारिक मुद्दों पर जारी बातचीत और सहमति की कोशिशें भी आगे बढ़ रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चीन और अमेरिका की पहली AI बातचीत किसने की?
चीन की ओर से उप-प्रधानमंत्री हे लाइफेंग और अमेरिका की ओर से वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बातचीत का नेतृत्व किया।
Q. AI बातचीत की पुष्टि किसने की?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता हे याडोंग ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।
Q. बातचीत किन मुद्दों की पृष्ठभूमि में हुई?
यह बातचीत उन्नत AI चिप्स पर अमेरिकी नियंत्रण, तकनीकी आरोपों और दोनों देशों के बढ़ते टेक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई।
Q. चीन ने अमेरिकी 'डिस्टिलेशन' आरोपों पर क्या कहा?
बीजिंग ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्हें टेक सेक्टर को रोकने के लिए इस्तेमाल करने पर जवाबी कदम उठाया जाएगा।
Q. न्यूयॉर्क की व्यापार वार्ता में क्या हुआ?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर कई सहमतियां बनीं।
Q. व्यापारिक अस्थायी रोक को लेकर क्या फैसला हुआ?
हे लाइफेंग और बेसेंट की वॉशिंगटन बैठक में इसे बढ़ाने पर सहमति बनी।













