ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थित चंदका रेस्क्यू एंड ट्रेनिंग सेंटर में 9 हाथी मौजूद हैं। चंदका के DFO बिनोदा आचार्य ने बताया कि यह केंद्र उन हाथियों की देखभाल करता है, जो अपने झुंड से अलग हो गए हैं या कहीं घायल मिले हैं।
सेंटर में हाथियों की देखभाल
सेंटर में ऐसे हाथियों को पहले रेस्क्यू किया जाता है। इसके बाद उन्हें इलाज दिया जाता है और ट्रेनिंग भी कराई जाती है। इस तरह केंद्र का काम केवल हाथियों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी आगे की देखभाल भी इससे जुड़ी है।
आचार्य के अनुसार, चंदका सेंटर का उद्देश्य हाथियों के लिए जरूरी मदद को बेहतर बनाना है। यहां रखे गए हाथियों में वे भी शामिल हैं जिन्हें उनके झुंड ने छोड़ दिया है और वे भी, जो चोट लगने के बाद बचाव की जरूरत में थे।
किन हाथियों को लाया जाता है
केंद्र में लाए जाने वाले हाथियों की 2 प्रमुख श्रेणियां बताई गई हैं। पहली श्रेणी में वे हाथी हैं, जो अपने झुंड से अलग या परित्यक्त हो गए हैं। दूसरी श्रेणी में वे हाथी हैं, जो किसी जगह घायल पाए गए।
इन हाथियों को सुरक्षित स्थान पर लाकर उनकी स्थिति के अनुसार इलाज और ट्रेनिंग दी जाती है। सेंटर में कुल 9 हाथी होने की जानकारी दी गई है।
निष्कर्ष
चंदका रेस्क्यू एंड ट्रेनिंग सेंटर झुंड से अलग और घायल हाथियों के रेस्क्यू, इलाज और ट्रेनिंग का काम करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. चंदका रेस्क्यू एंड ट्रेनिंग सेंटर कहां है?
यह सेंटर भुवनेश्वर, ओडिशा में स्थित है।
Q. सेंटर में कितने हाथी हैं?
सेंटर में 9 हाथी हैं।
Q. किन हाथियों को सेंटर में लाया जाता है?
झुंड से अलग हो चुके और कहीं घायल मिले हाथियों को यहां रेस्क्यू किया जाता है।
Q. सेंटर में हाथियों के साथ क्या किया जाता है?
हाथियों को रेस्क्यू करने के बाद इलाज और ट्रेनिंग दी जाती है।
Q. चंदका सेंटर का उद्देश्य क्या है?
सेंटर का उद्देश्य हाथियों के लिए जरूरी मदद को कम से कम करना है।












