स्पीयर कॉर्प्स के तहत असम राइफल्स ने त्रिपुरा और मिजोरम में अलग-अलग नशा विरोधी अभियानों के दौरान ₹11.30 करोड़ से ज्यादा कीमत का प्रतिबंधित सामान जब्त किया है। यह जानकारी भारतीय सेना के हवाले से सामने आई है।
त्रिपुरा के खोवाई जिले में कस्टम्स विभाग के साथ समन्वय कर 501 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इसकी कीमत करीब ₹2.50 करोड़ बताई गई है।
दूसरी कार्रवाई मिजोरम के चंफाई जिले में हुई। यहां 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं, जिनका अनुमानित मूल्य ₹8.80 करोड़ है।
2 राज्यों में अलग-अलग कार्रवाई
दोनों अभियान अलग-अलग स्थानों पर चलाए गए। त्रिपुरा में कार्रवाई कस्टम्स विभाग के साथ मिलकर की गई, जबकि मिजोरम की कार्रवाई में मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुईं। उपलब्ध जानकारी में इन कार्रवाइयों के दौरान किसी गिरफ्तारी या आगे की कानूनी प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है।
बरामदगी की मात्रा और अनुमानित कीमत के आधार पर दोनों मामलों में गांजा और मेथामफेटामाइन टैबलेट शामिल हैं। कुल जब्ती का आंकड़ा ₹11.30 करोड़ से ज्यादा बताया गया है।
निष्कर्ष
असम राइफल्स ने स्पीयर कॉर्प्स के तहत त्रिपुरा और मिजोरम में नशा विरोधी अभियानों में बड़ी बरामदगी की। खोवाई में 501 किलोग्राम गांजा और चंफाई में 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त की गईं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. असम राइफल्स ने कुल कितने मूल्य का सामान जब्त किया?
कुल जब्ती की कीमत ₹11.30 करोड़ से ज्यादा बताई गई है।
Q. त्रिपुरा में क्या बरामद हुआ?
त्रिपुरा के खोवाई जिले में 501 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत करीब ₹2.50 करोड़ बताई गई है।
Q. त्रिपुरा की कार्रवाई किसके साथ मिलकर हुई?
खोवाई जिले में कार्रवाई कस्टम्स विभाग के साथ समन्वय कर की गई।
Q. मिजोरम में क्या जब्त किया गया?
मिजोरम के चंफाई जिले में 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं।
Q. मिजोरम में बरामद टैबलेट की कीमत कितनी बताई गई है?
मेथामफेटामाइन टैबलेट की अनुमानित कीमत ₹8.80 करोड़ बताई गई है।









