यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को UN महासभा में रूस पर 47 देशों के नागरिकों को बहला-फुसलाकर अपनी सेना में भर्ती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन लोगों को धोखे से रूस लाया गया और बाद में यूक्रेन के युद्ध मैदान में भेज दिया गया।
जेलेंस्की के दावे में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना में 227 भारतीय भर्ती हुए थे। इनमें से 139 को रूसी सेना से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 51 की मौत हुई है। भारत सरकार बाकी नागरिकों की वापसी के लिए रूस से बातचीत कर रही है।
रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील
जेलेंस्की ने कहा कि रूस ज्यादा से ज्यादा लोगों को युद्ध में उतारकर यूक्रेन में अपनी पकड़ बढ़ाना चाहता है। उन्होंने दूसरे देशों से रूस पर दबाव बढ़ाने और उसकी युद्ध क्षमता कम करने की अपील की।
उन्होंने रूस की कमाई पर रोक लगाने की जरूरत बताई। जेलेंस्की ने भारत, चीन और तुर्किये से रूस के साथ ऊर्जा कारोबार कम करने को कहा। उनके मुताबिक, ऊर्जा खरीद घटने से मॉस्को पर युद्ध रोकने का दबाव बढ़ सकता है।
उत्तर कोरिया पर भी आरोप
जेलेंस्की ने उत्तर कोरिया पर रूस की मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने रूस की सहायता के लिए अपने सैनिक भेजे हैं।
उनके मुताबिक, इसके बदले उत्तर कोरिया को आधुनिक सैन्य तकनीक मिल रही है। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तकनीक से जुड़ी मदद भी शामिल है।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन ने 2 उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया भेजा है। उन्होंने दावा किया कि दोनों सैनिकों को जिंदा पकड़ना आसान नहीं था।
ऊर्जा ठिकानों पर हमले की चेतावनी
जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि रूस अगर यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो यूक्रेन रूस की हीटिंग और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बना सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने को लेकर समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि अमेरिका ऐसे हमले रोकने के लिए समझौते की कोशिश कर रहा है।
UN महासभा में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी भाषण दिया। वे अपने साथ ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर लेकर पहुंचे थे और मृत बच्चों की तस्वीर दिखाई। उन्होंने कहा कि ईरान ने 200 साल में कोई हमला नहीं किया है।
निष्कर्ष
जेलेंस्की के भाषण में रूस की सैन्य भर्ती, ऊर्जा कारोबार और युद्ध से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर दबाव बढ़ाने की अपील प्रमुख रही। भारतीय नागरिकों की वापसी का मुद्दा भारत और रूस के बीच बातचीत में बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. जेलेंस्की ने रूस पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि रूस 47 देशों के नागरिकों को बहला-फुसलाकर अपनी सेना में भर्ती कर रहा है।
Q. रूसी सेना में कितने भारतीय भर्ती हुए थे?
भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 227 भारतीय रूसी सेना में भर्ती हुए थे।
Q. कितने भारतीयों की मौत हुई है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 51 भारतीयों की मौत हुई है।
Q. बाकी भारतीयों की वापसी के लिए क्या हो रहा है?
भारत सरकार उनकी वापसी के लिए रूस से बातचीत कर रही है।
Q. जेलेंस्की ने भारत से क्या अपील की?
उन्होंने भारत से रूस के साथ ऊर्जा कारोबार कम करने की अपील की।
Q. रूस और यूक्रेन के ऊर्जा हमलों पर अमेरिका क्या कर रहा है?
अमेरिका दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने को लेकर समझौता कराने की कोशिश कर रहा है।











