तमिलनाडु के मदुरंतकम में वीरमणि POCSO मामले को लेकर चुनावी राजनीति तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से पूछा कि शिकायत दर्ज होने के बाद केस बंद करने की कोशिश क्यों हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली DMK सरकार के दौरान मामले से जुड़ी पूरी कहानी दबा दी गई।
विजय ने ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि पर बच्चों की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने स्टालिन से सार्वजनिक जवाब मांगा और पूछा कि क्या DMK तथा AIADMK के बीच इस मामले को लेकर कोई समझ थी।
मामला अदालत तक कैसे पहुंचा
यह POCSO मामला 2025 में पुलिस को मिली एक पेन ड्राइव के बाद दर्ज हुआ था। उसमें नाबालिग के यौन शोषण का कथित वीडियो बताया गया। बाद में पुलिस ने केस बंद करने की मांग की, लेकिन विशेष POCSO अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी। अदालत ने आगे जांच के आदेश दिए।
इसके बाद वीरमणि और उनके 2 सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। अब जांच में पहले की कार्रवाई से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी देखी जा रही है। हालांकि, राजनीतिक दबाव या पारिवारिक दबाव की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।
स्टालिन ने आरोपों को गलत और मानहानिकारक बताया। उनका कहना है कि उनकी सरकार ने किसी को बचाने का आदेश नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि आरोपियों और उनकी मदद करने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। स्टालिन ने हाई कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए चुनाव प्रचार में इस मामले को उठाने पर भी सवाल किया।
उपचुनाव में मामला बना राजनीतिक मुद्दा
मदुरंतकम सीट पर 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव होना है। यह सीट AIADMK विधायक के. मरागथम कुमारवेल के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। बाद में कुमारवेल TVK में शामिल हो गए और अब इसी पार्टी ने उन्हें फिर उम्मीदवार बनाया है।
विजय ने मदुरंतकम में मुख्य मुकाबला TVK और DMK के बीच बताया। उन्होंने AIADMK पर भी निशाना साधा और पूछा कि उसके कार्यकर्ता उस पार्टी के साथ समझौता कैसे स्वीकार कर सकते हैं, जिसे MGR और जयललिता कभी 'बुरी ताकत' कहते थे।
उन्होंने DMK नेताओं की महिलाओं पर की गई टिप्पणियों का विरोध किया और कहा कि ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। TVK को नई पार्टी कहे जाने पर विजय ने कहा, “हां, हम बच्चे हैं, लेकिन तमिलनाडु के बच्चे हैं.” उन्होंने करीब 35 प्रतिशत वोट शेयर का भी जिक्र किया और लोगों से TVK के 'सीटी' चुनाव चिह्न पर वोट देने की अपील की।
जांच के श्रेय पर भी विवाद
तमिलनाडु सरकार में लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने सवाल किया कि स्टालिन के मुख्यमंत्री रहते दर्ज FIR क्लोजर रिपोर्ट तक कैसे पहुंची। उन्होंने राजनीतिक या पारिवारिक दबाव की आशंका जताई, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। DMK ने वीरमणि को बचाने के आरोपों से इनकार किया है।
CPM नेता शनमुगम ने TVK पर जांच का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद आगे बढ़ी। उनके मुताबिक, 19 अगस्त को राज्य सरकार ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर POCSO अदालत में केस बंद करने की मांग की थी।
विजय ने DMK और AIADMK की कथित नजदीकी के साथ DMK, AIADMK और बीजेपी के बीच राजनीतिक तालमेल का दावा भी किया। इन आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
निष्कर्ष
वीरमणि POCSO मामले की जांच अब अदालत के आदेश, पहले की पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक आरोपों के बीच आगे बढ़ रही है। मदुरंतकम उपचुनाव में यह मुद्दा TVK और DMK के बीच टकराव का प्रमुख हिस्सा बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. वीरमणि POCSO मामला कब दर्ज हुआ था?
यह मामला 2025 में पुलिस को मिली एक पेन ड्राइव के बाद दर्ज हुआ था।
Q. विशेष POCSO अदालत ने क्या आदेश दिया?
अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर आगे जांच के आदेश दिए।
Q. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
आर. वीरमणि और उनके 2 सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया।
Q. स्टालिन ने आरोपों पर क्या कहा?
उन्होंने आरोपों को गलत और मानहानिकारक बताया। उनके मुताबिक, किसी को बचाने का आदेश नहीं दिया गया था।
Q. मदुरंतकम उपचुनाव कब है?
मदुरंतकम में 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव होना है।
Q. मदुरंतकम सीट क्यों खाली हुई?
यह सीट AIADMK विधायक के. मरागथम कुमारवेल के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
Q. उपचुनाव में मुख्य मुकाबला किन दलों के बीच बताया जा रहा है?
मुख्यमंत्री विजय ने मुकाबला TVK और DMK के बीच बताया है।








