प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में असम में पिग्मी हॉग को बचाने के लिए चलाए गए संरक्षण प्रयास का उल्लेख किया। उन्होंने इसे छोटे जीव को बचाने की दिशा में हुई एक शानदार पहल बताया।

पिग्मी हॉग एक बेहद छोटा जीव है। प्रधानमंत्री के अनुसार, एक समय उसका अस्तित्व खतरे में था। इसी स्थिति के बीच उसे बचाने के लिए संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।

असम की पहल का जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में असम से जुड़े इस प्रयास को सामने रखा। उनके बयान में पिग्मी हॉग को बचाने की कोशिश को जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े उदाहरण के तौर पर पेश किया गया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस conservation program की शुरुआत की तारीख, इसमें शामिल संगठनों, काम के क्षेत्र और इसके मौजूदा नतीजों का विवरण नहीं है। पिग्मी हॉग की वर्तमान संख्या या संरक्षण पहल के अगले चरण की जानकारी भी सामने नहीं आई है।

पिग्मी हॉग क्यों चर्चा में आया

पिग्मी हॉग का उल्लेख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री ने इसके अस्तित्व पर मंडराए खतरे और उसे बचाने के लिए शुरू किए गए कार्यक्रम, दोनों बातों को साथ रखा। इससे असम में छोटे वन्यजीवों के संरक्षण का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर के संबोधन में आया।

यह बयान 'मन की बात' के उस एपिसोड का हिस्सा है, जिसमें प्रधानमंत्री ने अलग-अलग पहलों और मुद्दों का उल्लेख किया। पिग्मी हॉग से जुड़े प्रयास पर उपलब्ध विवरण अभी शुरुआती स्तर का है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने असम में पिग्मी हॉग को बचाने के लिए शुरू किए गए संरक्षण कार्यक्रम का उल्लेख किया। उन्होंने इसे उस जीव के लिए महत्वपूर्ण कोशिश बताया, जिसका अस्तित्व पहले खतरे में था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पिग्मी हॉग क्या है?

पिग्मी हॉग एक छोटा जीव है, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में किया।

Q. पिग्मी हॉग संरक्षण पहल कहां हुई?

इस पहल का संबंध असम से है।

Q. पिग्मी हॉग के लिए कार्यक्रम क्यों शुरू किया गया?

प्रधानमंत्री के अनुसार, एक समय इस जीव का अस्तित्व खतरे में था।

Q. यह बात किस कार्यक्रम में कही गई?

इसका उल्लेख 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में किया गया।

Q. संरक्षण कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल है?

उपलब्ध जानकारी में इसमें शामिल संस्थाओं या लोगों का विवरण नहीं है।

Q. पिग्मी हॉग की मौजूदा संख्या कितनी है?

इसकी वर्तमान संख्या की जानकारी उपलब्ध नहीं है।