ग्लॉस्टरशायर स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस पर 27 सितंबर 2026 को स्थानीय पुलिस ने 'मेजर इन्सिडेंट' घोषित किया। यह फैसला विस्फोटक कानून के तहत कई संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद लिया गया। एयरबेस के पास व्हेलफोर्ड इलाके से दर्जनों परिवारों को सुरक्षा कारणों से बाहर निकाला गया है।

ब्रिटेन के इस रणनीतिक एयरबेस का इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना के भारी बॉम्बर विमानों के लिए भी होता है। घोषणा के बाद ब्रिटिश सेना और हथियारबंद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। एयरबेस के मुख्य प्रवेश द्वार को बैरिकेड लगाकर बंद किया गया है। आसपास के वाहनों और संदिग्ध कारों की मेटल डिटेक्टर तथा स्निफर डॉग्स की मदद से जांच की जा रही है।

ग्लॉस्टरशायर पुलिस के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी नागरिक पर सीधा हमला नहीं हुआ और मौजूदा कदम एहतियाती सुरक्षा कार्रवाई का हिस्सा हैं।

'मेजर इन्सिडेंट' का मतलब

'मेजर इन्सिडेंट' (Major Incident) ब्रिटेन में किसी गंभीर खतरे या बड़े सार्वजनिक संकट के समय की जाने वाली उच्च स्तरीय घोषणा है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी घटना का दायरा सामान्य पुलिस या स्थानीय प्रशासन की क्षमता से बड़ा हो जाए। ऐसे मामलों में पुलिस, सेना, दमकल, एम्बुलेंस और स्थानीय काउंसिल साझा व्यवस्था के तहत काम करते हैं।

इस व्यवस्था में एकीकृत कमान और कंट्रोल रूम के जरिए कार्रवाई संचालित की जाती है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके को घेर सकती हैं, रास्ते बंद कर सकती हैं और लोगों को रिहायशी क्षेत्रों से अस्थायी रूप से हटा सकती हैं। अस्पतालों को अलर्ट पर रखने और तकनीकी विशेषज्ञों को मौके पर भेजने जैसी आपात तैयारियां भी इसका हिस्सा बताई गई हैं।

व्हेलफोर्ड से निकाले गए परिवार

व्हेलफोर्ड से हटाए गए लोगों को पास के एक मनोरंजन केंद्र में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन वहां भोजन और प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। एयरबेस और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें बैरिकेड लगाकर बंद की गई हैं। इसके कारण यात्रियों को 15 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है।

इलाके में आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच के चलते जांच चौकियों पर कतारें लग रही हैं। सुरक्षा बलों की ओर से खाली कराए गए क्षेत्र की जांच पूरी होने के बाद स्थानीय लोगों को घर लौटने की अनुमति देने पर फैसला किया जाएगा। पुलिस ने अगले 12 से 24 घंटों में जांच पूरी होने की बात कही है।

एयरबेस का रणनीतिक महत्व

आरएएफ फेयरफोर्ड में ब्रिटिश सरकार के साथ समझौते के तहत अमेरिकी वायुसेना की 501वीं कॉम्बैट सपोर्ट विंग तैनात रहती है। हाल के महीनों में एयरबेस अंतरराष्ट्रीय विवादों और विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है।

ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका को उन ईरानी मिसाइल ठिकानों पर हमलों के लिए एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी, जिन पर होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने का आरोप था। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जुलाई 2026 में ब्रिटेन को चेतावनी दी थी कि वह अमेरिकी बमवर्षकों को फेयरफोर्ड से उड़ान भरने की अनुमति न दे।

अमेरिकी वायुसेना के प्रवक्ता के मुताबिक, उसकी इकाइयां पूरी तरह सतर्क हैं। सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

फेयरफोर्ड में मेजर इन्सिडेंट की घोषणा के बाद सुरक्षा घेरा, निकासी और वाहन जांच जारी है। स्थानीय लोगों की वापसी का फैसला इलाके की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. आरएएफ फेयरफोर्ड में मेजर इन्सिडेंट कब घोषित हुआ?

स्थानीय पुलिस ने 27 सितंबर 2026 को यह घोषणा की।

Q. व्हेलफोर्ड से लोगों को क्यों हटाया गया?

विस्फोटक कानून के तहत संदिग्ध गिरफ्तारियों के बाद संभावित खतरे से बचाव के लिए दर्जनों परिवारों को हटाया गया।

Q. निकाले गए लोगों को कहां रखा गया है?

उन्हें पास के मनोरंजन केंद्र में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया गया है।

Q. क्या एयरबेस के पास की सड़कें खुली हैं?

एयरबेस और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें बैरिकेड लगाकर बंद हैं।

Q. क्या आम लोगों पर सीधा हमला हुआ है?

पुलिस ने कहा है कि किसी नागरिक पर सीधा हमला नहीं हुआ।

Q. लोगों को घर लौटने की अनुमति कब मिल सकती है?

सुरक्षा बलों की जांच पूरी होने के बाद वापसी पर फैसला किया जाएगा। पुलिस ने अगले 12 से 24 घंटों में जांच पूरी होने की बात कही है।

Q. आरएएफ फेयरफोर्ड का सैन्य महत्व क्या है?

यहां अमेरिकी वायुसेना की 501वीं कॉम्बैट सपोर्ट विंग तैनात रहती है और एयरबेस का इस्तेमाल भारी बॉम्बर विमानों के लिए भी होता है।