नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के एक महीने बाद भी लापता लोगों के परिवारों का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। राजधानी काठमांडू में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के बाहर बनी 'वॉल ऑफ होप' पर प्रभावित परिवार और रिश्तेदार अपने missing loved ones की तस्वीरें लगाए हुए हैं।
यह जगह उन परिवारों के लिए उम्मीद और चिंता का सार्वजनिक निशान बन गई है, जिन्हें अब तक अपने परिजनों के बारे में जवाब नहीं मिला है। तस्वीरों के जरिए परिवार लापता लोगों की पहचान और जानकारी सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।
बाढ़ के एक महीने बाद भी बड़ा मानवीय संकट
26 सितंबर की मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल की बाढ़ में 1,453 लोगों की मौत हुई है। करीब 5,300 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ये आंकड़े आपदा के एक महीने बाद भी जारी मानवीय संकट का पैमाना दिखाते हैं।
लापता लोगों के परिजनों के लिए समय बीतना राहत नहीं, बल्कि अनिश्चितता बढ़ने का कारण बना हुआ है। काठमांडू की 'वॉल ऑफ होप' पर लगी तस्वीरें इसी इंतजार को सामने लाती हैं।
इस घटना से जुड़ी रिपोर्टों में नेपाल में मदद की जरूरत बढ़ने की बात भी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण परिवारों को अपने रिश्तेदारों के बारे में जानकारी का इंतजार है।
नए खतरे की चिंता
बाढ़ के एक महीने बाद नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा भी बताया गया है। इससे पहले की आपदा से प्रभावित लोगों और परिवारों के बीच नई आशंकाएं पैदा हो रही हैं।
मौजूदा स्थिति में 'वॉल ऑफ होप' पर लगी तस्वीरें केवल पहचान की कोशिश नहीं हैं। वे उन परिवारों की लगातार तलाश और जवाब पाने की उम्मीद को भी दिखाती हैं, जिनके परिजन बाढ़ के बाद से लापता हैं।
हाल की रिपोर्टों में लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय के आंकड़े सामने आए हैं। एक सितंबर की रिपोर्ट में 6,100 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी, जबकि 26 सितंबर की मौजूदा रिपोर्टों में यह संख्या करीब 5,300 बताई गई है।
आगे परिवारों की नजर किस पर
परिवारों के लिए सबसे अहम सवाल लापता परिजनों की जानकारी और उनकी पहचान से जुड़ा है। अस्पताल के बाहर लगी तस्वीरें इस तलाश को सार्वजनिक जगह तक ले आई हैं, जहां रिश्तेदार अपने प्रियजनों के बारे में जवाब की उम्मीद लगाए हुए हैं।
# निष्कर्ष
नेपाल की बाढ़ के एक महीने बाद भी बड़ी संख्या में परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। काठमांडू की 'वॉल ऑफ होप' इस जारी मानवीय संकट और जवाब की तलाश को सामने लाती है।
# अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. नेपाल में बाढ़ कब आई थी?
नेपाल में विनाशकारी अचानक बाढ़ 26 अगस्त को आई थी।
Q. 'वॉल ऑफ होप' कहां बनी है?
यह काठमांडू में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के बाहर बनी है।
Q. 'वॉल ऑफ होप' पर क्या लगाया गया है?
प्रभावित परिवार और रिश्तेदार अपने लापता परिजनों की तस्वीरें वहां लगा रहे हैं।
Q. बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई?
26 सितंबर की मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, 1,453 लोगों की मौत हुई है।
Q. कितने लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं?
मौजूदा रिपोर्टों में करीब 5,300 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है।
Q. नेपाल में अब कौन-सा खतरा बताया गया है?
नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बताया गया है।












