भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने इंश्योरेंस सेक्टर में कमीशन घटाने और ग्राहकों के लिए प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव रखा है। मसौदे में हेल्थ इंश्योरेंस और मोटर इंश्योरेंस से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर, एजेंट और कार डीलर के कमीशन पर नए नियम सुझाए गए हैं।

इस प्रस्ताव पर हितधारक 25 अक्टूबर तक अपनी राय दे सकते हैं। प्रस्ताव लागू होने पर ग्राहकों को इंश्योरेंस प्रीमियम में राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है, हालांकि अभी यह मसौदा है।

हेल्थ इंश्योरेंस में कमीशन का प्रस्ताव

हेल्थ इंश्योरेंस में पहले साल डिस्ट्रीब्यूटर को मिलने वाला कमीशन 40 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने की बात कही गई है। एजेंट के लिए पहले साल 20 प्रतिशत कमीशन का प्रस्ताव है।

रिन्युअल के समय डिस्ट्रीब्यूटर को 5 प्रतिशत और एजेंट को 10 प्रतिशत कमीशन देने का सुझाव है। अभी रिन्युअल पर 10-15 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है।

मसौदे में गैर-जरूरी इंश्योरेंस बेचने पर भी रोक लगाने की बात है। खासकर लोन लेते समय ग्राहकों को जरूरत से अलग इंश्योरेंस बेचने को मिस सेलिंग के तौर पर देखा गया है।

हेल्थ इंश्योरेंस पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी में कटौती के बाद कंपनियों द्वारा प्रीमियम बढ़ाए जाने और ग्राहकों को उसका लाभ नहीं मिलने का दावा किया गया है। कमीशन में प्रस्तावित बदलाव से ग्राहकों को राहत मिल सकती है।

मोटर इंश्योरेंस पर क्या बदलेगा

नई कार खरीदने वालों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कम-से-कम 3 साल के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा कार को नुकसान से बचाने के लिए अलग इंश्योरेंस लिया जाता है। ऐसे ग्राहकों पर कमीशन से जुड़े बदलाव का सीधा असर पड़ सकता है।

इरडा के मुताबिक पिछले 2 साल में मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में 34 प्रतिशत और कमीशन में 259 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2025 में मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम के तौर पर 29000 करोड़ रुपए वसूले गए। इनमें से 7050 करोड़ रुपए कमीशन में गए।

नियामक का कहना है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। कुछ जगह ग्राहकों से 50 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है, जबकि आम दर 24 प्रतिशत है। कार डीलर, कार निर्माता कंपनी के ब्रोकर और बैंक के लिए अलग-अलग कमीशन की व्यवस्था भी बताई गई है।

ग्राहकों को खुद पॉलिसी खरीदने की सुविधा

इरडा ने सभी कार डीलरों के यहां स्कैनर सार्वजनिक रूप से रखने का प्रस्ताव दिया है। ग्राहक इसे स्कैन करके बीमा सुगम पोर्टल पर जा सकेंगे और खुद थर्ड पार्टी इंश्योरेंस खरीद सकेंगे।

कार डीलरों के लिए बीमा सुगम पोर्टल की जानकारी देना अनिवार्य करने का सुझाव है। इस पोर्टल पर इंश्योरेंस कंपनियां अपनी विस्तृत जानकारी और खरीद की सुविधा देंगी।

मोटर इंश्योरेंस में डीलर का कमीशन 15 प्रतिशत तक सीमित करने का प्रस्ताव है। इससे पॉलिसी की लागत पर असर पड़ सकता है, लेकिन अंतिम बदलाव हितधारकों की राय और मसौदे पर आगे की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।

निष्कर्ष

इरडा का मसौदा हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस में कमीशन घटाने, मिस सेलिंग रोकने और ग्राहकों को सीधे पॉलिसी खरीदने का विकल्प देने पर केंद्रित है। अभी यह प्रस्ताव है और 25 अक्टूबर तक मिलने वाली राय के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. इरडा ने इंश्योरेंस कमीशन पर क्या प्रस्ताव दिया है?

इरडा ने हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस में डिस्ट्रीब्यूटर, एजेंट और डीलर के कमीशन को सीमित करने का प्रस्ताव दिया है।

Q. हेल्थ इंश्योरेंस में पहले साल डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन कितना होगा?

प्रस्ताव के अनुसार यह कमीशन 15 प्रतिशत किया जा सकता है।

Q. मोटर इंश्योरेंस में कार डीलर का प्रस्तावित कमीशन कितना है?

कार डीलर का कमीशन 15 प्रतिशत तक रखने का सुझाव है।

Q. ग्राहक थर्ड पार्टी इंश्योरेंस खुद कैसे खरीद सकेंगे?

कार डीलर के यहां लगाए जाने वाले स्कैनर के जरिए ग्राहक बीमा सुगम पोर्टल पर जाकर पॉलिसी खरीद सकेंगे।

Q. इरडा के मसौदे पर राय कब तक दी जा सकती है?

हितधारक 25 अक्टूबर तक अपने विचार दे सकते हैं।