अमेरिका-ईरान संघर्ष में अमेरिकी हवाई संपत्तियों को हुए नुकसान का पैमाना सामने आया है। अलग-अलग आकलनों में 47 MQ-9 रीपर ड्रोन तक नष्ट होने की बात कही गई है। इस नुकसान के साथ KC-135 टैंकर, F-15E स्ट्राइक ईगल और एक F-35 भी प्रभावित हुए हैं।
यह आकलन द वॉर जोन की विजुअलाइजेशन रिपोर्ट में पेश किया गया है। रिपोर्ट ने पेंटागन इंस्पेक्टर जनरल, कांग्रेसनल बजट ऑफिस और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस के आंकड़ों का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में नुकसान के कारणों के तौर पर ईरानी हमले, फ्रेंडली फायर, दुर्घटनाएं और बचाव अभियानों के दौरान जानबूझकर की गई तबाही शामिल है।
MQ-9 रीपर को सबसे ज्यादा नुकसान
MQ-9 रीपर लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला सशस्त्र ड्रोन है। इसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए किया जाता है। पेंटागन इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक करीब 30 रीपर नष्ट हुए थे। ओपन-सोर्स आंकड़ों में यह संख्या इससे अधिक बताई गई है।
कई ड्रोन जमीनी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल या ड्रोन हमलों में नष्ट हुए। कुछ घटनाओं में संचार लिंक टूटने के बाद रीपर दुर्घटनाग्रस्त हुए। जमीनी ठिकानों पर खड़े ड्रोन हमलों के लिए आसान लक्ष्य बने।
टैंकर और लड़ाकू विमान भी प्रभावित
KC-135 टैंकर हवा में ईंधन भरते हैं और लड़ाकू विमानों की रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं। कई टैंकर सऊदी अरब जैसे ठिकानों पर हुए जमीनी हमलों में क्षतिग्रस्त हुए। एक KC-135 को दुर्घटना में नुकसान पहुंचा।
F-15E स्ट्राइक ईगल से जुड़ी कुछ घटनाएं फ्रेंडली फायर की थीं। एक F-35 फाइटर जेट दुश्मन की फायरिंग में क्षतिग्रस्त हुआ। इससे यह संकेत मिलता है कि विवादित हवाई क्षेत्र में सपोर्ट विमान भी जोखिम में हैं।
युद्ध खर्च 38 अरब डॉलर के करीब
कांग्रेसनल बजट ऑफिस और पेंटागन की रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2026 तक संघर्ष पर कुल खर्च करीब 38 अरब डॉलर पहुंच गया था। यह रकम 3.63 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसमें गोला-बारूद, उपकरणों का नुकसान और सैन्य अभियान चलाने की लागत शामिल है।
रीपर जैसे ड्रोन की इकाई लागत 3-5 करोड़ डॉलर तक बताई गई है। दर्जनों ड्रोन नष्ट होने से कुल आर्थिक बोझ बढ़ा है। टैंकर और निगरानी विमानों की कमी से अभियानों की अवधि और पहुंच प्रभावित हो सकती है।
संघर्ष की शुरुआत और आगे की चुनौती
यह संघर्ष फरवरी 2026 में शुरू हुआ था। ईरानी जवाबी हमलों से क्षेत्रीय ठिकानों को नुकसान पहुंचा। फ्रेंडली फायर, दुर्घटनाओं और बचाव अभियानों के दौरान संपत्तियां नष्ट किए जाने से भी कुल आंकड़ा बढ़ा।
अमेरिकी सेना को गोला-बारूद के भंडार और आपूर्ति श्रृंखला में कमी का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं से ड्रोन की संख्या बढ़ाने, उनकी सुरक्षा मजबूत करने और वैकल्पिक प्लेटफॉर्म विकसित करने की जरूरत सामने आती है। तनाव जारी रहने के बीच अमेरिकी अभियानों की लागत और जोखिम दोनों महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
निष्कर्ष
अमेरिका-ईरान संघर्ष में ड्रोन को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, लेकिन टैंकर और लड़ाकू विमानों की क्षति भी सामने आई है। 38 अरब डॉलर के करीब पहुंचा खर्च इस अभियान के बड़े आर्थिक बोझ को दिखाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अमेरिका-ईरान संघर्ष में कितने MQ-9 रीपर नष्ट हुए?
अलग-अलग आकलनों में 47 तक MQ-9 रीपर नष्ट होने की बात है। पेंटागन इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट में जून 2026 तक करीब 30 ड्रोन का आंकड़ा दिया गया है।
Q. किन अमेरिकी विमानों को नुकसान हुआ?
KC-135 टैंकर, F-15E स्ट्राइक ईगल और एक F-35 क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए।
Q. अमेरिकी विमानों के नुकसान की वजह क्या बताई गई है?
कारणों में ईरानी हमले, फ्रेंडली फायर, दुर्घटनाएं और बचाव अभियानों के दौरान की गई तबाही शामिल है।
Q. अगस्त 2026 तक संघर्ष पर कितना खर्च हुआ?
कुल युद्ध खर्च करीब 38 अरब डॉलर बताया गया है, जो 3.63 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
Q. MQ-9 रीपर का इस्तेमाल किस काम में होता है?
यह ड्रोन निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए इस्तेमाल होता है।













