अहमदाबाद, गुजरात में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेलवे के डीजल इस्तेमाल को लेकर बड़ा लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे में डीजल की खपत 2015-16 के 293 करोड़ लीटर से घटकर 2024-25 में 108 करोड़ लीटर रह गई है।

शाह के मुताबिक, रेलवे 2030 तक डीजल इस्तेमाल को 0 करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय मुद्रा की बचत होगी।

डीजल इस्तेमाल में कमी

अमित शाह ने यह आंकड़े रेलवे के ईंधन इस्तेमाल में आए बदलाव के संदर्भ में रखे। उनके बयान के अनुसार, 2015-16 और 2024-25 के बीच डीजल की खपत में कमी आई है।

रेलवे के डीजल इस्तेमाल का आंकड़ा 293 करोड़ लीटर से घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया। 2030 के लिए घोषित लक्ष्य इस इस्तेमाल को 0 तक लाने का है।

गुजरात में रेलवे से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट

इसी कार्यक्रम से जुड़ी रिपोर्टों में गुजरात में रेलवे के कई प्रोजेक्टों का उल्लेख किया गया है। इनमें LNG ट्रेन, WAG-12 लोकोमोटिव और Kavach से जुड़े काम शामिल हैं।

इन रिपोर्टों में रेलवे प्रोजेक्टों के उद्घाटन और भारत की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाने की जानकारी भी दी गई है।

इसका महत्व क्या है

शाह के बयान में डीजल इस्तेमाल घटाने और 2030 तक इसे खत्म करने के लक्ष्य को भारतीय मुद्रा की बचत से जोड़ा गया है। फिलहाल बयान में इस लक्ष्य को हासिल करने की विस्तृत योजना या चरणबद्ध समय-सारिणी नहीं बताई गई है।

निष्कर्ष

अमित शाह ने रेलवे के डीजल इस्तेमाल को 2024-25 में 108 करोड़ लीटर तक घटने की बात कही और 2030 तक इसे 0 करने का लक्ष्य बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. रेलवे ने 2015-16 में कितना डीजल इस्तेमाल किया था?

अमित शाह के मुताबिक, रेलवे ने 2015-16 में 293 करोड़ लीटर डीजल इस्तेमाल किया था।

Q. 2024-25 में रेलवे का डीजल इस्तेमाल कितना रहा?

बयान के अनुसार, 2024-25 में रेलवे का डीजल इस्तेमाल 108 करोड़ लीटर रहा।

Q. रेलवे का डीजल इस्तेमाल कब तक 0 करने का लक्ष्य है?

अमित शाह ने 2030 तक डीजल इस्तेमाल 0 करने का लक्ष्य बताया है।

Q. डीजल इस्तेमाल घटाने से क्या फायदा बताया गया है?

अमित शाह ने कहा कि इससे भारतीय मुद्रा की बचत होगी।

Q. गुजरात में किन रेलवे प्रोजेक्टों का उल्लेख हुआ है?

रिपोर्टों में LNG ट्रेन, WAG-12 लोकोमोटिव और Kavach से जुड़े रेलवे प्रोजेक्टों का उल्लेख है।