Salesforce के मुताबिक भारतीय कंपनियां जनरेटिव AI और AI एजेंट्स के शुरुआती प्रयोगों से आगे बढ़कर इन तकनीकों को प्रोडक्शन में इस्तेमाल करने की दिशा में बढ़ रही हैं। कंपनी ने भारत को डिजिटल और एजेंटिक AI के विस्तार के लिए बड़ा अवसर वाला बाजार बताया है।

दक्षिण एशिया की प्रेसिडेंट और सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने PTI के साथ बातचीत में कहा कि भारतीय कंपनियां अब AI को वास्तविक कारोबारी प्रक्रियाओं में लगाने की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने यह बात Salesforce के Dreamforce सम्मेलन से इतर कही।

भारत में Salesforce का निवेश

भट्टाचार्य के अनुसार Salesforce भारत में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों की अपस्किलिंग और भर्ती पर निवेश जारी रखेगी। बेंगलुरु में कंपनी का एक नया टावर अगले कैलेंडर वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने इसे भारत में Salesforce के बड़े निवेशों में से एक बताया।

कंपनी AI क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आंतरिक इनोवेशन और अधिग्रहण, दोनों रास्तों पर काम करेगी। भट्टाचार्य ने ग्राहक-एजेंट कंपनी Fin और डेटा मैनेजमेंट फर्म Informatica के वैश्विक अधिग्रहणों का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक नई क्षमताओं को कंपनी की ट्रस्ट लेयर के साथ जोड़कर ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को संभाला जा सके।

एजेंटिक एंटरप्राइज में सुरक्षा की चुनौती

Salesforce के प्रेसिडेंट और चीफ प्लेटफॉर्म एंड इंजीनियरिंग ऑफिसर रोहन कुमार ने कंपनी के एजेंटिक एंटरप्राइज विजन की 4-लेयर आर्किटेक्चर बताई। इसमें Data 360, Customer 360, Agentforce और AIforce शामिल हैं।

कुमार के मुताबिक ऑटोनॉमस एजेंट्स का इस्तेमाल बढ़ने पर कंपनियों को सुरक्षा, गवर्नेंस, लागत नियंत्रण और निगरानी के लिए मजबूत सिस्टम बनाने होंगे। बड़ी संख्या में एजेंट्स वाले एंटरप्राइज में उनकी गतिविधियों पर नजर रखना और यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि वे तय दायरे से बाहर काम न करें।

उनके अनुसार IT लीडर्स एजेंट्स की संख्या, गतिविधियों और लागत को संभालने की जिम्मेदारी ले सकते हैं। सुरक्षा टीमों को एजेंट की पहचान तय करने और उसके काम की निगरानी करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि संगठनों में इन नई जिम्मेदारियों की शुरुआत पहले ही हो चुकी है।

फाइनेंशियल सर्विसेज में इस्तेमाल

दक्षिण एशिया में सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण परमेश्वरन ने कहा कि कंपनियां AI प्रयोगों से प्रोडक्शन की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने फाइनेंशियल सर्विसेज को इसका प्रमुख क्षेत्र बताया।

परमेश्वरन के मुताबिक AI एजेंट वाहन ऋण बिक्री और क्रेडिट अंडरराइटिंग में टर्नअराउंड टाइम घटा रहे हैं। जिन प्रक्रियाओं में पहले घंटे या दिन लगते थे, वे अब मिनटों में पूरी हो रही हैं।

कंपनियां शुरुआत में AI एजेंट्स को कम जोखिम वाले कामों में लगाने की संभावना रखती हैं। भरोसा, सुरक्षा और कारोबारी संदर्भ की समझ बढ़ने के साथ उन्हें ज्यादा असर वाले फैसलों में शामिल किया जा सकता है।

नौकरियों और स्किल्स पर असर

Salesforce के अधिकारियों ने कहा कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से भारत के टेक वर्कफोर्स को नई स्किल्स सीखनी होंगी। दोहराव वाले कामों को AI संभाल सकता है, जिससे कर्मचारी अधिक विशेषज्ञता और ज्यादा वैल्यू वाले कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे।

भट्टाचार्य ने AI एथिसिस्ट, प्रॉम्प्ट इंजीनियर और फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर जैसी भूमिकाओं को उभरते अवसरों के उदाहरण के तौर पर बताया।

परमेश्वरन के अनुसार पारंपरिक डेवलपर की भूमिका भी बदलेगी। AI प्रोडक्टिविटी बढ़ने पर किसी काम के लिए जरूरी डेवलपर्स की संख्या घट सकती है, जबकि दूसरी विशेषज्ञ भूमिकाओं की मांग बढ़ेगी।

कुमार ने कहा कि भारत का मजबूत डेवलपर समुदाय देश को 2030 तक एजेंटिक इनोवेशन के अग्रणी बाजारों में ला सकता है।

Salesforce के अधिकारी सैन फ्रांसिस्को में 15 से 17 सितंबर तक आयोजित Dreamforce 2026 के दौरान बोल रहे थे।

निष्कर्ष

Salesforce का आकलन है कि भारत में AI अपनाने का अगला चरण प्रयोगों से आगे बढ़कर कारोबारी इस्तेमाल का है। इसके साथ कंपनियों को सुरक्षा, निगरानी, लागत नियंत्रण और कर्मचारियों की नई स्किल्स पर भी काम करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. भारतीय कंपनियों के AI इस्तेमाल में क्या बदलाव आया है?

Salesforce के मुताबिक कंपनियां जनरेटिव AI और AI एजेंट्स के प्रयोग से आगे बढ़कर उन्हें प्रोडक्शन में लगाने लगी हैं।

Q. Salesforce भारत में किन क्षेत्रों में निवेश जारी रखेगी?

कंपनी फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों की अपस्किलिंग और भर्ती में निवेश जारी रखेगी।

Q. Salesforce का नया बेंगलुरु टावर कब शुरू होने की उम्मीद है?

नया टावर अगले कैलेंडर वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है।

Q. एजेंटिक एंटरप्राइज के लिए किन व्यवस्थाओं की जरूरत होगी?

कंपनियों को सुरक्षा, गवर्नेंस, लागत नियंत्रण और एजेंट्स की निगरानी के मजबूत सिस्टम बनाने होंगे।

Q. AI एजेंट्स का इस्तेमाल सबसे पहले किन कामों में हो सकता है?

कंपनियां शुरुआत में उन्हें कम जोखिम वाले कार्यों में लगाने की ओर बढ़ सकती हैं।

Q. AI से टेक्नोलॉजी नौकरियों पर क्या असर पड़ सकता है?

दोहराव वाले काम AI संभाल सकता है, जबकि AI एथिसिस्ट, प्रॉम्प्ट इंजीनियर और अन्य विशेषज्ञ भूमिकाओं की मांग बढ़ सकती है।

Q. भारत एजेंटिक AI में कब अग्रणी बाजार बन सकता है?

Salesforce के रोहन कुमार के अनुसार भारत 2030 तक एजेंटिक इनोवेशन के अग्रणी बाजारों में हो सकता है।