छत्तीसगढ़ के बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब तक 817 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बचाव अभियान में भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर और नावों का इस्तेमाल किया गया।
बचाए गए लोगों में 12 को भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। वहीं, 805 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। यह आंकड़ा बस्तर में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन की मौजूदा स्थिति बताता है।
राहत शिविरों में 7,300 से ज्यादा लोग
बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इन शिविरों में 7,300 से ज्यादा लोगों के ठहरने की जानकारी है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर फिलहाल सुरक्षित ठिकाने के तौर पर काम कर रहे हैं।
इंद्रावती नदी का बढ़ता पानी बस्तर के कई हिस्सों में पहुंचा है। इससे स्थानीय इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों की पूरी सूची की जानकारी अभी नहीं है।
बचाव अभियान में हवाई और जल मार्ग का इस्तेमाल
रेस्क्यू ऑपरेशन में जरूरत के अनुसार अलग-अलग साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हेलिकॉप्टर के जरिए 12 लोगों को निकाला गया, जबकि नावों से 805 लोगों को बचाया गया।
बाढ़ की स्थिति इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर से जुड़ी है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों की संख्या 7,300 से अधिक है। नदी का जलस्तर कितना बढ़ा है, इसका आंकड़ा की जानकारी अभी नहीं है।
निष्कर्ष
बस्तर में इंद्रावती नदी का पानी बढ़ने से कई इलाके प्रभावित हैं। अब तक 817 लोगों को बचाया गया है और 7,300 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बस्तर में बाढ़ की स्थिति क्यों बनी?
इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से बस्तर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आए हैं।
Q. बस्तर में अब तक कितने लोगों को बचाया गया?
अब तक 817 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
Q. कितने लोगों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया?
भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से 12 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया।
Q. नावों से कितने लोगों को बचाया गया?
नावों के जरिए 805 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
Q. राहत शिविरों में कितने लोग रह रहे हैं?
7,300 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।











