Anthropic संभावित आईपीओ (IPO) से पहले अपने संस्थापकों के लिए खास वोटिंग व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत CEO Dario Amodei और उनके 6 सह-संस्थापकों को मिलाकर 50.1% वोटिंग पावर दी जा सकती है। यह जानकारी The Information की रिपोर्ट में मामले से जुड़े लोगों के हवाले से दी गई है।

कंपनी इस बदलाव के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है। नई व्यवस्था से 7 सह-संस्थापकों को ज्यादातर कॉरपोरेट मामलों में सामूहिक नियंत्रण मिल सकता है। यह मॉडल Palantir में मौजूद संस्थापक-कंट्रोल वाली संरचना जैसा होगा।

वोटिंग कंट्रोल कैसे काम करेगा

रिपोर्ट के अनुसार, संस्थापकों को शेयरों की एक खास क्लास दी जाएगी। इस क्लास के जरिए वे कंपनी के अधिकांश कॉरपोरेट फैसलों पर संयुक्त रूप से वोटिंग कंट्रोल रख सकेंगे। यह अधिकार स्थायी नहीं होगा। व्यवस्था तब तक लागू रहने की बात कही गई है, जब तक 7 में से कम से कम 3 सह-संस्थापक कंपनी में तय न्यूनतम संख्या में शेयर बनाए रखते हैं।

इस प्रस्ताव में एक अहम अपवाद भी है। Anthropic के बोर्ड सदस्यों का चुनाव संस्थापकों के इस नियंत्रण के दायरे में नहीं आएगा। कंपनी के बोर्ड में 7 सीटें हैं, जिनमें से एक सीट फिलहाल खाली है।

कर्मचारियों के लिए अलग शेयर क्लास

Anthropic कर्मचारियों को भी शेयरों की एक अलग क्लास देने की योजना बना रही है। इन शेयरों से कुछ कॉरपोरेट मामलों में टाई-ब्रेकर वोट दिए जा सकेंगे। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि ऐसे वोट किन सभी मुद्दों पर लागू होंगे।

कंपनी ने इस रिपोर्ट पर तुरंत टिप्पणी नहीं की। इसलिए प्रस्तावित ढांचे की अंतिम शर्तें और शेयरधारकों की मंजूरी का नतीजा अभी स्पष्ट नहीं है।

संभावित IPO से पहले बड़ा कॉरपोरेट बदलाव

Anthropic को कई महीनों से एंटरप्राइज एआई क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में देखा जा रहा है। कंपनी ऐसे आईपीओ की तैयारी कर रही है, जो अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है।

Reuters की इस महीने की एक पिछली रिपोर्ट के अनुसार, Anthropic अपना आईपीओ अमेरिका में नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद तक टाल सकती है। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनावों से ऑफर पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।

कंपनी ने मई में 65 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। इस फंडिंग के बाद उसका पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 965 बिलियन डॉलर बताया गया। यही मूल्यांकन Anthropic के संभावित सार्वजनिक बाजार पदार्पण को लेकर निवेशकों की रुचि का एक अहम संदर्भ है।

निष्कर्ष

Anthropic शेयरधारकों की मंजूरी के जरिए IPO से पहले संस्थापक-कंट्रोल वाली वोटिंग संरचना बनाना चाहती है। प्रस्ताव में कर्मचारियों के लिए सीमित टाई-ब्रेकर वोट और बोर्ड चुनाव पर अलग नियम भी शामिल हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. Anthropic किस बदलाव के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांग रही है?

कंपनी संस्थापकों को संयुक्त रूप से 50.1% वोटिंग पावर देने वाली नई कॉरपोरेट संरचना की मंजूरी चाहती है।

Q. इस व्यवस्था से किन लोगों को वोटिंग कंट्रोल मिलेगा?

CEO Dario Amodei और उनके 6 सह-संस्थापकों को संयुक्त वोटिंग कंट्रोल देने का प्रस्ताव है।

Q. संस्थापकों का कंट्रोल कब तक लागू रहेगा?

यह व्यवस्था तब तक लागू रहने की बात कही गई है, जब तक 7 में से कम से कम 3 सह-संस्थापक तय न्यूनतम संख्या में शेयर रखते हैं।

Q. क्या संस्थापकों का कंट्रोल बोर्ड चुनाव पर भी लागू होगा?

नहीं। बोर्ड सदस्यों के चुनाव को इस नियंत्रण से अलग रखा गया है।

Q. Anthropic कर्मचारियों को क्या देने की योजना बना रही है?

कंपनी कर्मचारियों के लिए ऐसी अलग शेयर क्लास बनाने की योजना बना रही है, जिससे कुछ मुद्दों पर टाई-ब्रेकर वोट मिल सकें।

Q. Anthropic का संभावित IPO कब हो सकता है?

कंपनी अपना आईपीओ नवंबर में अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद तक टाल सकती है।

Q. Anthropic का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन कितना बताया गया है?

मई में जुटाई गई फंडिंग के बाद कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 965 बिलियन डॉलर बताया गया है।